क्या आप जानते है उन प्राइवेट थिंग्स को जो वेबसाइट एक्सेस करती है

Internet ब्राउज करना कितना अच्छा कम लगता है| घंटो हम अपना वक़्त internet ब्राउज करने में बिता देते है|हम google search करते है और कुछ साइट्स  पे visit करते है और लॉट्स ऑफ़ इनफार्मेशन को एक्सेस करते है| क्या आप surprise होंगे ये जान कर के browser आपके  बहुत से प्राइवेट थिंग्स को कलेक्ट करता है|

आज हम आपको ऐसे कुछ बातें बताने जा रहा हूँ  जहाँ पे आपके information को एक्सेस किया जाता है आप जानेगे तो शॉक रह जायेंगे के browser इन इनफार्मेशन को वेबसाइट के ओनर से शेयर करता है| आइए जानते है कुछ प्राइवेट थिंग्स जिन्हें हमारे जानकारी और बिना एक्सेस किया जाता है|

where you live:

प्राइवेट थिंग्स

जो सबसे आसान प्राइवेट थिंग्स browser हमारे बारे में शेयर करता है वो हमारा लोकेशन है| ऐसा इसलिए होता है क्यों की हमारा लोकेशन IP एड्रेस के द्वारा ट्रैक किया जाता है| वेबसाइट ओनर ट्रैकिंग स्क्रिप्ट का यूज़ अपने साईट के इनफार्मेशन को स्क्रैप करने के लिए करते है| और ये malicious स्क्रिप्ट नहीं होते है| जो लोग वेबसाइट चलाते है वो वेबसाइट पे visit करने वाले लोगों का जितना ज़्यादा पॉसिबल हो उतना इनफार्मेशन कलेक्ट करने की कोशिश करते है ताकि वो अपने मेजोरिटी ऑफ़ यूजर को मोस्ट relevant इनफार्मेशन send कर सकें|

आपका लोकेशन प्राइवेट थिंग्स का एक relevant पार्ट है| आपके IP address से वेबसाइट ओनर ये एनालाइज करते है के उनके रीडर्स दुनया में सबसे ज़्यादा कहाँ से है| IP address देखने के लिए आप गूगल में जाये और टाइप करें ‘what is my IP address?’ आपका रिजल्ट कुछ ऐसा दिखेगा|

प्राइवेट थिंग्स

आप इसे देख सकते है की कैसे ये IP address IPLocation.net पे जाने से geographic लोकेशन में बदल जाता है| इस में आपको कुछ टाइप करने की ज़रुरत नहीं है वेबसाइट आपको आपका IP address और उससे आपके geographic लोकेशन के बारे में सबकुछ instantly पता लगा लेगा जैसे के

  • आपके internet service provider (ISP)
  •  सिटी जहाँ आप रहते है|
  • आपके GPS coordinates

ये इनफार्मेशन आमतौर पे सब से ज्यादा कई वेबसाइट पे कमेंट करने वाले एप्लीकेशन से कलेक्ट किया जाता है| उदाहरण के लिए Disqus जो के एक कॉमेन्टिंग सर्विस है वो अपने ओनर को यूज़र्स का प्राइवेट थिंग्स प्रोवाइड करता है जिसकी हेल्प से ओनर को उसके ब्लाक पे कमेंट करने वाले लोगों का इनफार्मेशन मिलता है| ये इनफार्मेशन कमेंट्स को moderate करने में हेल्प करती है| Disqus कॉमेंटर को पहचानने में commenter’s IP address का यूज़ करता है| ये उनलोगों को पहचानने में मदद करता है जो spam या फिर abusive एक्टिविटी में इन्वोल्व होते है|फिर वेबसाइट ओनर उनलोगों को ब्लैकलिस्ट करता है जिसके बाद वो साईट पे कमेंट नहीं कर सकते है|

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हम अपने IP address को hide कैसे करें 

प्राइवेट थिंग्स को हम आसानी के साथ वेबसाइट से hide कर सकते है| हम VPN service का यूज़ कर के अपने लोकेशन को प्राइवेट रख सकते है| इन में से कुछ सर्विसेज फ्री भी है example के लिए आप hide.me पे जायें और वो country सेलेक्ट करें जहा से आप वेबसाइट पे जाना चाहते है| ये फ्री सर्विस आपको उस country में located server से  कनेक्ट करेगी और सभी वेबसाइट को ऐसा लगेगा की आप उस country से हो जिसके server से कनेक्टेड हो| इस तरह के बहुत सरे फ्री सर्विसेज है जो आपको मास्किंग प्रोवाइड करते है|

प्राइवेट थिंग्स

अगर आप और ज़्यादा परमानेंट सलूशन चाहते है तो आप के लिए बेहतर है के आप कोई  inexpensive VPN service सब्सक्राइब कर लें| और इसे लगातार सारे browser के लिए यूज़ कर सकते है| हमें ध्यान इस बात का देना है के हम अपने IP को VPN सर्विस प्रोवाइडर को प्रोवाइड करते है तो इस लिए हमें अपने IP को बुरे VPN सर्विस प्रोवाइडर से बचाना होगा|

सिस्टम Information

बहुत सरे वेबसाइट हमारे ज्यादा से ज्यादा इनफार्मेशन को कलेक्ट करने के लिए अपने पेज पे  ad script या analytics script का यूज़ करते है| बहुत सारे यूज़र को ये पता नहीं होता के उनका वेब browser कितना इनफार्मेशन वेबसाइट को उनके बारे में देता है|वेबसाइट ओनर आपके वेबसाइट के टाइप, आपके ऑपरेटिंग सिस्टम, स्क्रीन resolution और  version ऑफ़ फ़्लैश जो आप यूज़ कर रहे है सब का इनफार्मेशन gather करता है|

प्राइवेट थिंग्स

यहा तक के अगर आप ब्राउज़िंग करते वक़्त अपने जीमेल अकाउंट में लॉग इन रहते है तो google आपके search बेस पे आपका आगे ऐज और आपके जेंडर को भी जानने की कोशिश करता है| ये इनफार्मेशन google analytics के ज़र्ये भी वेबसाइट ओनर तक पहुँचता है जिसे बेटर ऐड डिस्प्ले करने के लिए किया जाता है| यहा पे एक चीज़ जानने की ज़रुरत है के ये स्क्रिप्ट हमारे कोई भी sensitive इनफार्मेशन को gather नहीं कर सकते है| जिसकी वजह से इनकी पहुच हमारे किसी भी सेंसिटिव इनफार्मेशन तक नहीं है|

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वे उतना ही gather कर सकते है जितना वो देखते है जो की बहुत जेनरल इनफार्मेशन है हमारे हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बारे में जिसे हम इन्टरनेट से कनेक्ट होने के लिए यूज़ करते है|

हम अपने Demographics को कैसे hide करें

कई लोगों ने ये फैसला किया है कि इस तरह की जानकारी छिपाने के लिए, वे एक ad blocker का उपयोग करने जा रहे हैं, जो बुनयादी तौर पर उन स्क्रिप्ट को प्रॉपर काम करने से रोकता है|

Problems विथ ad blocker

  • ज़्यादातर ad blocker यूज़फुल वेब बेस्ड एप्लीकेशन को काम करने से रोकते है|
  • ad blocker कुछ बहुत अच्छे फ्री कंटेंट को लोस कर देते है|
  • न्यूज़ का फ्री एक्सेस ग़ायब हो जाता है|
  • ad blocker malicious  ad scripts और सेफ  में फर्क नहीं समझ पता है|

अगर आप अपने प्राइवेसी को लेकर कंसर्न है तो दो चीजें है जिन्हें आप यूज़ कर सकते है जो ad blocker से ज्यादा अच्छा काम करता है| पहला तो PVN जिसके बारे में हम ने ऊपर बता दिया हैऔर दूसरा  जब आप ब्राउज कर रहे हो तो अपने  google  में लॉग इन न हो बहुत सरे लोग इसे प्राइवेसी रिस्क समझते है|

आपकी फैमली और दोस्त 

सोशल app integration वेबसाइट द्वारा आपके इनफार्मेशन को gather करने का एक आसान तरीक़ा है|अगर आप अपने सोशल अकाउंट से इंटीग्रेशन allow कर रहे है तो आप अपने बहुत sensitive और पर्सनल  इनफार्मेशन को वेबसाइट ओनर के सामने खोल रहे है| सिर्फ रीड ओनली परमिशन से ही ये आपके बिज़नेस और फ्रेंड्स के इनफार्मेशन gather कर सकते है|

प्राइवेट थिंग्स

अगर आप देखना चाहते है के अपने अबतक कितने साइट्स को अपने सोशल अकाउंट को एक्सेस करने की परमिशन दे राखी है तो इसके लिए आप अपने फेसबुक के सेटिंग में जाये और Apps and website पे लेफ्ट साइड बार में क्लिक करें| वहां पे आप उन तमाम साइट्स को देखेंगे जो आपके सोशल डेटा को एक्सेस कर रहा है| आप यहा जिन साइट्स को रिमूव करना चाहते है तो आप उस आइकॉन पे क्लिक कर के उसे रिमूव कर सकते है|

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आप बिज़नेस इंटीग्रेशन लिंक पे साइड बार में जा कर देख सकते है के किन्हें हम ने एक्सेस दी है|अगर आप चाहते है के किसी को रिमूव करें तो आप इसे भी रिमूव कर सकते है|

आपका  Address, Phone Number, और Email

भले ही यह कहना बहुत आसान लगता है कि आपको अपना ईमेल या मेलिंग पता किसी ऑनलाइन फॉर्म में टाइप नहीं करना चाहिए अगर आप नहीं चाहते है के आपका इनफार्मेशन किसी बिज़नेस के साथ शेयर किया जाए| इसके पीछे बहुत सारे लोगों का ये मन्ना है के इनफार्मेशन प्राइवेट होते है और ग़लत हातो में ग़लत तरीक़े से यूज़ किया जा सकता है, लेकिन ऑनलाइन सर्विसेज या app का यूज़ करने की चाहत प्राइवेसी की चाहत को दबा देता है|  इसका मतलब ये कभी भी नहीं है के आपको किसी फॉर्म को फिल नहीं करना चाहए पर थोरा होश्यार होकर जान ले के ये बड़े ब्रांड्स है जिनको आप trust कर सकें अपने प्राइवेट थिंग्स को शेयर करने में 

आपको क्या पसंद है 

क्या आप जानते है के जब कभी आप वेबसाइट पे जाते है तो उन्हें पता चलता है के आप की क्या इंटरेस्ट या hobbies है और उन्हें ये हमारे ऑनलाइन वेब हिस्ट्री से पता चलता है जो हमारा ब्राउज़र वेबसाइट के साथ शेयर करता है|

Third पार्टी cookies 

Third पार्टी cookies वैसे cookies होते है जो आपके हमारे browser के द्वारा कम्पनीज के लिए स्टोर किया जाता है जो वेबसाइट के लिए advertisement और मार्केटिंग का काम मैनेज करता है| ये सर्विस वेबसाइट द्वारा  जिसपे हम जाते है install और इनेबल किया जाता है, और थर्ड पार्टी कंपनी वही कंपनी होते है जो बहुत से  वेबसाइट के लिए इनफार्मेशन कलेक्ट करती है|

 

 

 

 

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